PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के गुरेज में कथित Tantra Silence रिट्रीट को लेकर विवाद उठाया है, सरकार और ...और पढ़ें

महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में सरकार और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की। (फाइल फोटो)

महबूबा मुफ्ती ने गुरेज़ 'Tantra Silence' रिट्रीट पर चिंता जताई।

आयोजन की तुलना गोवा के विवादित 'Tantra' कार्यक्रम से की।

जम्मू-कश्मीर सरकार और पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप की अपील।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के गुरेज इलाके में कथित तौर पर प्रचारित किए जा रहे एक 'Tantra Silence' रिट्रीट को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर सरकार और पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

महबूबा मुफ्ती ने एक पोस्ट में दावा किया कि गुरेज घाटी में Tantra Silence रिट्रीट का पोस्टर प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने इस आयोजन की तुलना 2025 में गोवा में विवादों में आए एक अन्य Tantra रिट्रीट से की।

A poster is advertising a “Tantra Silence” retreat in Gurez Valley, Srinagar.A similar “Tantra” retreat facilitated by Swami Dhyan Sumit, a self-styled godman promoting a new religion under the Shree Rajneesh Foundation, was cancelled in Goa last year after its obscene… pic.twitter.com/1cdGZlF5oo

गोवा में 2025 में “Tales of Kamasutra & Christmas Celebration” नाम से प्रचारित एक कार्यक्रम को लेकर भारी विवाद हुआ था। प्रचार सामग्री में यौन विषयों से जुड़े कई आपत्तिजनक संदर्भ होने की शिकायतों के बाद गोवा पुलिस ने आयोजकों को कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ाने और प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए थे। आयोजकों ने बाद में कार्यक्रम रद्द करने की बात कही थी।

महबूबा मुफ्ती ने सवाल उठाया कि गुरेज़ जैसी संवेदनशील और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण घाटी को ऐसे प्रयोगों का केंद्र क्यों बनाया जाए? उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और पुलिस से मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील की।

उन्होंने साथ ही मीरवाइज उमर फारूक और ऑफिस ऑफ मुफ्ती से भी इस मुद्दे पर लोगों में जागरूकता पैदा करने की अपील की।

हालांकि, गुरेज़ में जिस Tantra Silence कार्यक्रम का पोस्टर कथित तौर पर प्रसारित हो रहा है, उसके आयोजन, आयोजकों और कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति से जुड़ी स्वतंत्र पुष्टि इस समय स्पष्ट नहीं है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित प्रशासन और आयोजकों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

अब बड़ा सवाल: क्या गुरेज़ में प्रस्तावित यह कार्यक्रम वास्तव में आयोजित होने जा रहा है, और क्या प्रशासन इसकी अनुमति या वैधता की जांच करेगा?