तेहरान: अमेरिका और इजरायली सेना के ईरान पर हमले शुरू करने के कुछ महीनों बाद ईरान अपने एक न्यूक्लियर बेस को फिर से बना रहा है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से इसकी जानकारी सामने आई है। ये तस्वीरें बीते रविवार को ली गई थीं। इससे पता चलता है कि ईरानी सरकार अपने खतरनाक इरादों को आगे बढ़ा रही है। इस तस्वीरों में तालेघान 2 न्यूक्लियर साइट के बाद बुलडोजर, क्रेन, कंक्रीट मिक्सर और डंप ट्रक काम करते हुए देखे जा सकते हैं।इजरायल ने दो बार उड़ाई थी न्यूक्लियर साइटइजरायली सेना ने सबसे पहले अक्टूबर 2024 में तालेघान-2 न्यूक्लियर साइट पर बमबारी की थी। इसके बाद इस साल मार्च में हमले के दौरान इसे दोबारा उड़ा दिया था। अब सैटेलाइट तस्वीरों में इस साइट पर फिर से निर्माण का पता चलता है। नजर में आने से बचने के लिए इस साइट पर एक बड़े काले तिरपाल जैसी चीज डाली गई है।इन तस्वीरों के सामने आने के बाद तालेघान 2 में ईरान की नई गतिविधियों को लेकर बहस छिड़ गई है। 'द सन' ने संयुक्त राष्ट्र के पूर्व परमाणु हथियार निरीक्षक डेविड अलब्राइट के हवाले से बताया कि किसी और हमले की आशंका को देखते हुए इस ठिकाने के आस-पास कंक्रीट से बनी नई सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जा रही है।परमाणु हथियारों के रिसर्च से जुड़ा रहा बेसवॉशिंगटन स्थित इंस्टीट्यू़ट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी ने इस तस्वीरों का विश्लेषण किया है। इसने कहा कि ईरान इस ठिकाने को फिर से बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इंस्टीट्यूट ने इस घटनाक्रम को बेहद चिंताजनक बताया है। खासतौर पर जब ईरान के लिए परमाणु हथियारों के रिसर्च में इस बेस की पहले भी भूमिका रही है।द सन की रिपोर्ट के अनुसार, यह बंकार ईरान के सीक्रेट प्रोग्राम अमाद का हिस्सा था। यह 2000 के दशक की शुरुआत में परमाणु हथियार विकसित करने की ईरान की एक योजना थी। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह योजना 2003 में बंद हो गई है। हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि बंकर में अभी भी एक खास चैंबर है, जिसे परमाणु विस्फोट वाले प्रयोगों के लिए मजबूत बनाया गया है।