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यूपी के इंटर कॉलेज में धर्मांतरण के आरोपों से सनसनी, मैनेजर-प्रिंसिपल और टीचर्स पर केस
उत्तर प्रदेश के सीतापुर के तंबौर के एक इंटर कॉलेज में मुस्लिम छात्रों के साथ भेदभाव और धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोपों से सनसनी फैल गई है। विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री की तहरीर पर पुलिस ने कॉलेज के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।रेउसा के कलनापुर के रहने वाले विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के विभाग मंत्री उत्तम सिंह ने तहरीर में आरोप लगाया कि इंटर कॉलेज में गैर मुस्लिम छात्रों को धर्म विशेष से जुड़ी किताबें दी जाती हैं। आरोप है कि 14 सितंबर को हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गैर मुस्लिम अतिथियों और अभिभावकों को भी ऐसी किताबें दी गईं। तहरीर में कहा गया है कि कॉलेज प्रबंधन की इस गतिविधि से धार्मिक तनाव की स्थिति बन रही है। थाना प्रभारी तंबौर ने बताया कि उत्तम सिंह की तहरीर पर इंटर कॉलेज के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और अन्य शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।पहले भी सामने आए थे ऐसे मामलेसीतापुर में स्कूल से जुड़ा ऐसा विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। साल 2025 में महमूदाबाद क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में कला प्रतियोगिता के दौरान हिन्दू विद्यार्थियों से एक धार्मिक स्लोगन लिखवाने के आरोप लगे थे। अभिभावकों के विरोध के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसी वर्ष जून में रामकोट क्षेत्र के रामनगर खटकारी गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में आर्थिक प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।धार्मिक किताबें बांटने के आरोप पर उठे सवालधर्म विशेष से जुड़ी किताबें बांटने और धर्म परिवर्तन के प्रयास के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि इंटर कॉलेज में बच्चों को कौन-कौन सी किताबें दी गईं, उन्हें देने का उद्देश्य क्या था और क्या उनसे जुड़े सवाल विद्यार्थियों से पूछे जाते थे। तंबौर थाने में दर्ज मुकदमें में इंटर कॉलेज के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और अन्य मुस्लिम शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है। शिकायतकर्ता विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री उत्तम सिंह का आरोप है कि इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को इस्लाम से संबंधित धार्मिक किताबें दी जाती थीं और अगले दिन उनसे उन्हीं किताबों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते थे। 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के कार्यक्रम के दौरान अतिथियों और अभिभावकों को भी धार्मिक पुस्तकें वितरित किए जाने का आरोप दर्ज है।पुलिस तलाश रही जवाबइस मामले में पुलिस अभी कई सवालों के जवाब ढूंढ रही है, कि धार्मिक पुस्तकें वास्तव में कितने विद्यार्थियों और अभिभावकों को दी गईं। पुस्तकें स्वेच्छा से दी गईं या विद्यार्थियों को उन्हें पढ़ने के लिए कहा गया, उनसे प्रश्न पूछे गए या नहीं, 14 सितंबर के कार्यक्रम में कितनी पुस्तकें बांटी गईं। विश्व हिन्दू परिषद के विभाग मंत्री की तहरीर पर पुलिस ने प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले की पूरे इलो में चर्चा है।
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लाइव हिन्दुस्तान
· Ajay Kumar Singh