दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीन पदों पर जीत हासिल की। वहीं एक पद पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता। कांग्रेस के स्टूडेंट विंग NSUI को एक भी पद हासिल नहीं हुआ।
पिछले 17 सालों में यह पहली बार है जब DUSU के केंद्रीय पैनल में कोई निर्दलीय उम्मीदवार जीता हो। ABVP के यश डबास अध्यक्ष बने हैं। वहीं रिया छावड़ी को सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव पद पर जीत मिली।
उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जीता। DUSU चुनाव के लिए शुक्रवार को 52 कॉलेजों में मतदान हुआ था। इसमें 40.46% वोटिंग हुई और 1,51,519 छात्रों में से 61,312 ने मतदान किया।
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18वें राउंड की काउंटिंग के बाद ABVP के यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव पद पर आगे चल रहे हैं। अध्यक्ष पद पर यश डबास को 21,109 और NSUI के विजय शंकर मीणा को 20,554 वोट मिले हैं।
सचिव पद पर रिया छावड़ी को 18,366 और NSUI की नम्रता चौधरी को 13,451 वोट मिले हैं। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह को 14,182, NSUI के गोपाल चौधरी को 13,829 और SCS के विशेष यादव को 14,045 वोट मिले हैं।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन आगे हैं। उन्हें 27,501 वोट मिले हैं। ABVP के ईशु मौर्य को 14,506 और NSUI के वीर छत्रथ को 3,827 वोट मिले हैं।
17वें राउंड के बाद DUSU काउंटिंग में प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी पद पर ABVP आगे है, जबकि NSUI के उम्मीदवार चारों पदों पर पीछे चल रहे हैं। प्रेसिडेंट पद पर ABVP के यश डबास को 20,151 वोट मिले हैं, जबकि NSUI के विजय मीणा को 19,651 वोट मिले हैं।
वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन 26,341 वोटों के साथ बड़ी बढ़त में हैं। सेक्रेटरी पद पर ABVP की रिया छावड़ी 17,279 वोटों के साथ आगे हैं। जॉइंट सेक्रेटरी पद पर समाजवादी समर्थित निर्दलीय विशेष यादव 13,346 वोटों के साथ आगे हैं।
ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 13,342 और NSUI के गोपाल चौधरी को 13,293 वोट मिले हैं। काउंटिंग में कुल 20 राउंड होने का अनुमान है, हालांकि वोटिंग पिछली बार से ज्यादा होने के कारण यह संख्या 21 से 22 राउंड तक भी जा सकती है।
DUSU चुनावों में वाइस प्रेसिडेंट पद पर बड़े अंतर से आगे चल रहे निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने कहा- मैं छात्रों की आवाज बनूंगा। उन सभी मुद्दों पर काम करूंगा जिन्हें हल करने का मैंने वादा किया था। Gen Z सच में बदलाव लाने वाला है।
9वें राउंड के बाद प्रेसिडेंट पद पर तस्वीर बदल गई है। NSUI के विजय मीणा 10,888 वोटों के साथ ABVP के यश डबास से 1 वोट आगे हैं। यश डबास को 10,887 वोट मिले हैं।
सेक्रेटरी पद पर ABVP की रिया छावड़ी 9,406 वोटों के साथ आगे हैं, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 6,958 वोट मिले हैं।
वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन 14,256 वोटों के साथ सबसे आगे हैं। जॉइंट सेक्रेटरी पद पर समाजवादी समर्थित निर्दलीय विशेष यादव 7,535 वोटों के साथ आगे हैं। A
9वें राउंड की काउंटिंग के बाद प्रेसिडेंट पद पर बड़ा उलटफेर हुआ है। NSUI के विजय मीणा 10,888 वोटों के साथ ABVP के यश डबास से 1 वोट आगे हैं। यश डबास को 10,887 वोट मिले हैं।
वाइस प्रेसिडेंट पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन 14,256 वोटों के साथ आगे हैं। ABVP के ईशु मौर्य को 7,399 और NSUI के वीर चतरथ को 2,084 वोट मिले हैं।
जॉइंट सेक्रेटरी पद पर निर्दलीय विशेष यादव 7,535 वोटों के साथ आगे हैं। ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 7,032 और NSUI के गोपाल चौधरी को 6,966 वोट मिले हैं।
पहले राउंड की काउंटिंग में प्रेसिडेंट पद पर ABVP के यश डबास 1,503 वोटों के साथ आगे रहे। NSUI के विजय शंकर मीणा को 1,191 वोट मिले, जबकि AISA-SFI की अनन्या रतूड़ी को 288 वोट मिले।
पहले राउंड में कुल 3,270 वोटों की गिनती हुई। वाइस प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पदों पर भी ABVP उम्मीदवार आगे चल रहे थे। ।
दिल्ली यूनिवर्सिटी में दो कैंपस हैं। साउथ और नॉर्थ कैंपस लगभग 15 किमी की दूरी पर बने हैं। दोनों कैंपस मिलाकर DU में 91 कॉलेज आते हैं, लेकिन DUSU के चुनावों में DU के सभी कॉलेज वोट नहीं कर सकते हैं।
DUSU में सिर्फ 52 कॉलेज और फैकल्टी ही सीधे तौर पर वोटिंग में हिस्सा लेते हैं। सेंट स्टीफंस, लेडी श्री राम और जीसस एंड मैरी जैसे कुछ बड़े कॉलेज भी DUSU का हिस्सा नहीं हैं।
पिछले साल DUSU चुनाव में ABVP ने प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी पद जीते थे, जबकि NSUI को वाइस प्रेसिडेंट पद मिला था।
इस बार चुनाव में ABVP, कांग्रेस समर्थित NSUI और AISA-SFI के लेफ्ट गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में हैं।
अरुण जेटली: 1974 में DUSU अध्यक्ष रहे और आगे चलकर केंद्र सरकार में देश के वित्त एवं रक्षा मंत्री बने (BJP)।
विजय गोयल: 1977 में DUSU अध्यक्ष रहे और आगे चलकर केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री बने (BJP)।
अजय माकन: 1985 में DUSU अध्यक्ष रहे और आगे चलकर केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री बने (INC)।
अलका लांबा: 1995 में DUSU अध्यक्ष रहीं और आगे चलकर दिल्ली विधानसभा में विधायक तथा महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं (INC)।
सामान्य
दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव में प्रेसिडेंट-सेक्रेटरी का पद ABVP ने जीता: उपाध्यक्ष पद NSUI से छिना, निर्दलीय ...
Source
दैनिक भास्कर
· एजेंसी इनपुट के साथ सुनील मौर्य और उदय भटनागर