लंबे समय से लंबित बारापुला फेज 3 कॉरिडोर अब 29 सितंबर को उद्घाटन के लिए तैयार है. दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शनिवार को परियोजना स्थल का दौरा कर अंतिम तैयारियों की समीक्षा की और पूरे हो चुके निर्माण कार्यों का जायजा लिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस परियोजना का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहेंगी.यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोहों के दौरान हो रहा है. इस अवधि में दिल्ली सरकार द्वारा जनहित से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. बारापुला फेज 3 पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज I को सराय काले खां से जोड़ते हुए AIIMS और दक्षिण दिल्ली की ओर सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. यह सराय काले खां स्थित मौजूदा बारापुला कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे पूरा कॉरिडोर लगभग 9 किलोमीटर का हो जाएगा.जनता के लिए बारापुला फेज 3 फ्लाईओवर तैयारनिरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, एक दशक से अधिक समय से दिल्ली इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार कर रही थी. पिछली सरकार के दौरान यह परियोजना लंबित रही. हमारी सरकार बनने के बाद हमने इस परियोजना का लगातार फॉलो-अप किया, हर चरण में इसकी प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक अनुमतियां एवं मंजूरियां पूरी कराने के लिए काम किया. इन प्रयासों के बाद अब यह लंबे समय से लंबित काम पूरा हो चुका है और कॉरिडोर दिल्ली की जनता के लिए खोलने के लिए तैयार है.कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यानप्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोहों के दौरान जनता को समर्पित की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है. गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और सहयोग से दिल्ली की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को अधिक गति और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है.2014 में मिली थी परियोजना को मंजूरीबारापुला फेज 3 परियोजना को 2014 में मंजूरी मिली थी और इसका निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ था. परियोजना को मूल रूप से 2017 तक पूरा किया जाना था, लेकिन बाद में इसमें देरी हुई, जिसके चलते परियोजना की लागत में भी वृद्धि हुई. परियोजना की संशोधित लागत लगभग ₹1,635 करोड़ है.PWD अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर के दोनों रैंप का निर्माण पूरा हो चुका है. इनमें एक रैंप मयूर विहार की ओर से जुड़ता है, जबकि दूसरा सराय काले खां के पास मौजूदा कॉरिडोर से जुड़ता है. यमुना नदी पर एक्स्ट्रा-डोज्ड ब्रिज का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जो एलिवेटेड कॉरिडोर की कनेक्टिंग संरचना का हिस्सा है.साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएंकॉरिडोर में समर्पित साइकिल ट्रैक के साथ पैदल यात्रियों के लिए अनुकूल बुनियादी सुविधाएं भी शामिल हैं, ताकि सड़क का उपयोग करने वाले विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके.वाहनों की कनेक्टिविटी होगी आसानPWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, इस परियोजना को सड़क का उपयोग करने वाले विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. वाहनों की कनेक्टिविटी के साथ-साथ समर्पित साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए अनुकूल बुनियादी सुविधाएं दिल्लीवासियों को आवागमन के अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएंगी.