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'सऊदी की तरह ही मिलेगा जवाब', हूतियों की पाकिस्तान और तुर्की को धमकी, यमन की जंग से दूर रहने को कहा
सना: ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने पाकिस्तान और तुर्की की सीधी चेतावनी दी है। हूतियों ने कहा कि पाकिस्तान और तुर्की ने अगर सऊदी के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया तो उन्हें वैसा ही जवाब मिलेगा जैसा सऊदी अरब को दिया जा रहा है। अंसार अल्लाह, जिन्हें हूती कहा जाता है, की यह चेतावनी पाकिस्तान और तुर्की के उन सार्वजनिक बयानों के बाद आई है, जिनमें मक्का रक्षा समझौते को लागू करने की संभावना का जिक्र किया गया था।यमनी समूह अंसार अल्लाह, जिन्हें हूती कहा जाता है, के एक वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद अल बुखैती ने इराकी टीवी से बात करते हुए कहा कि अगर इस्लामाबाद या अंकारा की ओर से कोई सैन्य हस्तक्षेप किया जाता है, तो दोनों देशों को गंभीर और तत्काल जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।सऊदी की तरह अंजाम की धमकीबुखैती ने कहा, "हम उन पर बहुत सख्ती से हमला करेंगे। जैसे हम सऊदी अरब को सबक सिखा रहे हैं, वैसे ही उन्हें भी सबक सिखाएंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य अभियानों और आर्थिक नाकेबंदी के खिलाफ हूती सेना पूरी तरह से रक्षात्मक रुख अपनाए हुए है।हूती अधिकारी ने दावा किया कि तुर्की और पाकिस्तान की ज्यादातर यमन के हूती विद्रोहियों के साथ है। बुखैती ने इस्लामाबाद और अंकारा से यमन के संघर्ष से दूर रहने की अपील की जिससे उनकी सीमाएं सीधे प्रभावित नहीं होती हैं। उन्होंने कहा कि यमन की पाकिस्तान और तुर्की के खिलाफ कोई शत्रुतापूर्ण इरादा नहीं है, इसलिए यह दोनों सऊदी गठबंधन के लिए सैन्य प्रॉक्सी बनने के बजाय अपने तक ही सीमित रहें।पाकिस्तान-तुर्की ने कही सैन्य मदद की बातयह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान और तुर्की ने मक्का समझौते के तहत सऊदी की मदद की बात कही है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि मक्का समझौता बिल्कुल स्पष्ट है। अगर सऊदी अरब पर हमले होंगे तो पाकिस्तान समझौते के तहत उसकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, शनिवार को तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने भी सऊदी को सैन्य मदद की पेशकश की। फिदान ने कहा कि सऊदी अरब पर गंभीर हमले हो रहे हैं। अंकारा सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा है और सैन्य मदद के लिए तैयार है।
Source
नवभारत टाइम्स
· Vivek Singh