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सुप्रीम लॉर्ड को खुश करने के लिए हो रहा है? केजरीवाल के परिवार को वोटर लिस्ट से हटाने के नोटिस पर AAP का ECI से सवाल
नई दिल्ली: दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के पांच सदस्यों को नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2002 के मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित मैपिंग नहीं मिलने के आधार पर यह नोटिस भेजा गया है। अब इस मुद्दे पर आप ने वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के लेकर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है।शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आम आदमी पार्टी ने कहा, 'क्या इस देश में सब कुछ सिर्फ सुप्रीम लॉर्ड को खुश करने के लिए हो रहा है?' चुनाव आयोग से सवाल करते हुए पार्टी ने कहा, 'चुनाव आयोग यह कैसे हो सकता है कि दिल्ली के तीन बार मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब हैं?'SIR नहीं यह बीजेपी का खेल': AAPपार्टी नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि आप पहले दिन से कह रही है कि यह एसआईआर नहीं, बल्कि बीजेपी का खेल है। उन्होंने आरोप लगाया, 'इनका बस चले तो ये सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह का ही वोट का अधिकार रखें और सभी विरोधियों के वोट काट दें। तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के वोट दिल्ली की वोटर लिस्ट से गायब करना कौन-सी प्रक्रिया है?'अरविंद केजरीवाल समेत परिवार के 5 सदस्यों को जारी किया गया नोटिसमुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी में नोटिस अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल, पिता गोविंद राम केजरीवाल और माता गीता देवी के नाम जारी किए गए हैं। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।दस्तावेज पेश करने के लिए जारी किए जा रहे नोटिसवहीं आज शनिवार को दिल्ली निर्वाचन आयोग ने मसौदा एसआईआर सूची में निवासियों के नामों और जन्म तिथियों में विसंगतियों की सूची ऑनलाइन प्रकाशित की है और सूची में शामिल लोगों को दस्तावेज पेश करने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने यह जानकारी दी।31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी मसौदाा सूचीनिर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की थी, जिसमें शहर के 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत प्रकाशित मसौदा सूची से दिल्ली के हर तीन में से एक मतदाता का नाम हटा दिया गया। कुमार ने बताया कि निर्वाचक नामावली अधिकारी (ईआरओ) की टीम सुनवाई के लिए शिविर लगा रही हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर शिविरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।सीईओ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'फिलहाल दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया के तहत सुनवाई जारी है, इसलिए लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। दो तरह के नोटिस हैं: एक उन मतदाताओं के लिए जिनकी ‘मैपिंग’ नहीं हो पाई है और दूसरा उन मतदाताओं के लिए जिनके उनके नाम या जन्म तिथि आदि में मामूली विसंगतियां हैं। इन्हीं मामलों में नोटिस भेजे जा रहे हैं।'उन्होंने कहा, 'यह सूची फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, हमारी वेबसाइट पर डाली गई है और प्रमुख स्थानों पर भी उपलब्ध कराई गई है।'
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नवभारत टाइम्स
· Abhishek Pandey