नई दिल्लीः हिंदू कट्टरपंथ सांप्रदायिकता पर पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों और हिंदुओं में मुट्ठीभर लोग कट्टर हैं, इसलिए सबके लिए हिंदू कट्टरपंथी सांप्रदायिकता कहना ठीक नहीं है।मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं बोले हामिद अंसारीः मौलाना राशिदीमौलाना साजिद रशीदी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, 'उपराष्ट्रपति रहते हामिद अंसारी ने अपने पूरे कार्यकाल में मुसलमानों के लिए एक शब्द नहीं बोले। लेकिन जब से वह उपराष्ट्रपति पद से हटे तब से वह मुसलमानों के पक्ष में बोल रहे हैं।'सबको भला-बुरा नहीं कहना चाहिएमुस्लिम धर्म गुरु ने कहा, 'सवाल यह है कि हिंदू या मुसलमान... नहीं कहा जा सकता। ऐसा हम कहें जैसे सब लोग कहते हैं कि मुस्लिम कट्टरवादी हैं, कट्टरता... हिंदू कट्टरता... ऐसा नहीं होना चाहिए। मेरा मानना यह है कि जो लोग हैं, वो मुट्ठी भर हैं और उनकी वजह से जो अच्छे लोग हैं, उनको भी बुरा-भला नहीं कहना चाहिए।' View this post on Instagram A post shared by Asian News International (@ani_trending) हिंदू राइट विंग कट्टरपंथ को बताया था खतरा पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने शनिवार को दिवंगत संविधान विशेषज्ञ और लेखक ए.जी. नूरानी की किताब 'द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया' में जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए, 'भारत के लिए खतरे' पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बातों का हवाला दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, हामिद अंसारी ने नूरानी की 2019 की किताब की प्रस्तावना में उनकी बातों को याद किया और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक के दौरान पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया द्वारा दर्ज नेहरू की बातों का जिक्र किया।हामिद अंसारी ने कहा, '...'द आरएसएस: ए मेनेस टू इंडिया' 2019 में प्रकाशित किताब का शीर्षक था। प्रस्तावना की शुरुआती पंक्तियां, जहां ए.जी. नूरानी ने एक शेर का इस्तेमाल किया था, उस भावना को दर्शाती थीं जिसे उन्होंने आज भारत में मुसलमानों के बीच प्रचलित भावना बताया था। उसी प्रस्तावना में, उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बातों का जिक्र किया, जिसे विदेश सचिव गुंडेविया ने दर्ज किया था। नेहरू ने चेतावनी दी थी कि 'भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज़्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता थी'।'