टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर बीसीसीआई का कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म हो रहा है। बीसीसीआई अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ाएगी या नहीं, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। वहीं खबर है कि अगरकर ने मुख्य चयनकर्ता पद छोड़ने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट बोर्ड से जाने वाले पुरुष टीम के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर बोर्ड से नाराज थे। बताया जा रहा कि सचिव देवजीत सैकिया ने बल्लेबाज रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया था, जिसके बाद अगरकर और बोर्ड के बीच नाराजगी बढ़ गई थी।बता दें, इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाले तीसरे मैच के पहले रोहित शर्मा की रिटायरमेंट की खबरें हर जगह छाई हुई थी। वहीं इस मुकाबले में रोहित शर्मा ने शानदार शतक लगाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया था। हाल ही में वेस्टइंडिज के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में रोहित शर्मा को भी जगह मिली है।बीसीसीआई से नाराज थे अगरकरपीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 'बीसीसीआई और अजीत अगरकर के बीच रिश्तों में तनाव की वजह रोहित शर्मा को लेकर लिया गया फैसला था।' रिपोर्ट के अनुसार, 'इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज से पहले अगरकर ने भारतीय टीम मैनेजमेंट और कुछ बीसीसीआई अधिकारियों के समर्थन से रोहित को आगे नहीं खिलाने का फैसला किया था। इसके बाद साउथ जोन के सिलेक्ट और रोहित के करीबी दोस्त प्रज्ञान ओझा को ये फैसला रोहित तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।'रोहित ने ऐसे पलटा दांवबताया गया कि अजीत अगरकर 2027 के विश्व कप के लिए रोहित शर्मा पर निर्भर नहीं रहना चाहते थे, क्योंकि रोहित अगले साल 40 साल के हो जाएंगे। वह यशस्वी जायसवाल को मौका देकर टीम में उनकी जगह मजबूत करना चाहते थे और इसके लिए उन्हें अपनी जगह पक्की करने के लिए करीब 20 वनडे मैच खेलने का मौका मिले। रोहित शर्मा इस फैसले और सेलेक्टर्स के उनके साथ किए जा रहे व्यवहार से खुश नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 'उन्होंने एक बड़े अधिकारी से संपर्क किया, जिसके बाद बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले पर अपनी बात रखी। उनका ये बयान लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी वनडे से पहले सामने आया और इसे काफी अहम माना गया।'देवजीत सैकिया ने कहा थाबीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था, “रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें चल रही हैं। मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रोहित रविवार को लॉर्ड्स में अपना आखिरी मैच खेलेंगे। रोहित भारतीय वनडे टीम के नियमित सदस्य हैं और जब तक वह टीम का हिस्सा हैं, देश के लिए खेलते रहेंगे। यानी लॉर्ड्स में होने वाला वनडे उनका आखिरी मैच नहीं होगा।”रोहित ने लगाया था शतकरोहित शर्मा ने इस मैच में शानदार शतक लगाकर अपनी काबिलियत साबित की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी मैच के बाद अजीत अगरकर को एहसास हुआ कि वह रोहित को टीम से बाहर नहीं कर सकते और रोहित जैसे बड़े खिलाड़ी को लेकर अकेले कोई बड़ा फैसला लेने की उनके पास पूरी ताकत नहीं है। इसके बाद रोहित को टीम से बाहर करने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी।लक्ष्मण से भी था मतभेदवीवीएस लक्ष्मण और अजीत अगरकर के बीच चोटिल खिलाड़ियों और इंडिया ए के मैचों को लेकर भी मतभेद थे। लक्ष्मण मजबूत टीम के साथ अच्छे खिलाड़ियों को खिलाने के पक्ष में थे, जबकि अगरकर एशियन गेम्स में पहली पसंद की टीम भेजने के फैसले से सहमत नहीं थे। इंडिया ए, ईरानी कप और भारतीय टीम के मैचों के शेड्यूल को लेकर भी दोनों की राय अलग थी। चोटिल खिलाड़ियों की वापसी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के कामकाज को लेकर भी मतभेद रहे। इन सभी बातों से दोनों के बीच भरोसा कम होता गया।