पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों के बीच विवाद की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं. इसी कड़ी में चार दिन पहले हुई एक घटना का CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग एक कैफे/रेस्टोरेंट के बाहर पहुंचकर हंगामा करते और अंदर मौजूद रेस्टोरेंट चालक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं.सामने आए CCTV फुटेज में कुछ लोग एक वाहन से उतरकर कैफे की ओर जाते दिखाई देते हैं. इसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ती है और कुछ लोग हाथों में डंडे लिए रेस्टोरेंट परिसर में पहुंचकर चालक पर हमला करते नजर आते हैं. घटना के दौरान कैफे के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. दूसरे CCTV कैमरे में भी बाहर हुई हाथापाई की तस्वीरें कैद हुई हैं.पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था पर सवालCCTV फुटेज पर दर्ज टाइम स्टैम्प के अनुसार, घटना 15 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 3:51 बजे की बताई जा रही है. फुटेज में घटना के दौरान कई लोगों की मौजूदगी दिखाई देती है. दिनदहाड़े पर्यटन नगरी में इस तरह की घटना सामने आने के बाद पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में बाहरी पर्यटक पहुंचते हैं.ऐसे में संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित पुलिस गश्त और त्वरित रिस्पॉन्स व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि मसूरी देशभर से आने वाले पर्यटकों का स्वागत करती है, लेकिन मेहमाननवाजी का अर्थ कानून हाथ में लेने की छूट नहीं हो सकता. किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस को सूचना देना और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए.आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकीफिलहाल इस घटना को लेकर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई? कितने लोगों की पहचान हुई और घटना का वास्तविक कारण क्या था? इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है. ऐसे में CCTV में दिखाई दे रहे दृश्यों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय पुलिस जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार जरूरी है.मसूरी की पहचान पर्यटन, शांति और अतिथि सत्कार से है, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की सुरक्षा भी प्रशासन की जिम्मेदारी है. सवाल यही है कि अगर पर्यटन नगरी में दिनदहाड़े इस तरह की घटनाएं होंगी, तो पुलिस की पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था आखिर कितनी प्रभावी है? वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि और आरोपियों की पहचान पुलिस जांच का विषय है.ये भी पढ़ें: 21 साल जेल में रहने के बाद, सुरेंद्र कोली की मौत पर परिवार ने क्या कहा?