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इस जिम्मेदारी को आप भी निभाएंगे; भारत के बारे में छात्रों से बोले CDS जनरल सुब्रमणि, DHARA को समझाया
'भारत कोई भोगौलिक जगह नहीं है, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है।' यह कहना है भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक जिम्मेदारी है। इसे हमसे पहले वाली पीढ़ियों द्वारा निभाया गया है। हम निभा रहे हैं। छात्रों की ओर संकेत करते हुए <a class=backlink target=_blank href=https://www.livehindustan.com/tags/cds data-vars-anchor-text=सीडीएस data-vars-link-type=Auto data-vars-page-type=story>सीडीएस ने कहा कि अब दुनिया में आगे बढ़ते हुए आप भी इसे निभाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बदलती दुनिया को DHARA (धारा) शब्द के माध्यम से छात्रों को समझाने की कोशिश की।आईआईटी रुड़की में छात्रों को संबोधित करते हुए सीडीएस ने छात्रों को भविष्य में भारत की जिम्मेदारी निभाने की बात की। उन्होंने कहा, “भारत कोई भौगोलिक जगह नहीं है। यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे आपसे पहले की पीढ़ियों ने निभाया है,और इस दुनिया में आगे बढ़ते हुए आप भी इसे निभाएंगे।”उन्होंने कहा वह बदलती दुनिया के बारे में बात करना चाहते हैं। उन्होंने छात्रों के दुनिया के बदलावों को समझाने के लिए DHARA (धारा) शब्द का इस्तेमाल किया।सीडीएस ने समझाया धारा का मतलबसीडीएस ने कहा, मैं बदलती दुनिया के बारे में बात करना चाहता हूँ, और इसके लिए मैं आपको एक शब्द दूँगा। वह है 'धारा' (Dhara)। 'धारा' से मेरा मतलब है। डिसरप्टिव (बड़ा बदलाव लाने वाला), हाइपर-कनेक्टेडनेस (बहुत ज्यादा जुड़ाव), एसिमेट्री (असमानता), रीअलाइनमेंट (फिर से तालमेल बिठाना), और ऑटोनॉमी (स्वायत्तता)। दुनिया के बदलावों को आप इन्हीं पांच शब्दों से समझ सकते हैं।दुनिया में टेक्नोलॉजी तेजी के साथ बदल रही है- सीडीएस जनरल राजा सुब्रमणिजनरल सुब्रमणि ने कहा, दुनिया में बहुत बड़े बदलाव हो रहे हैं। टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बदल रही है कि हम उसके साथ कदम नहीं मिला पा रहे हैं। अगर आप बदलती दुनिया के साथ चलना चाहते हैं, तो ग्रेजुएट के तौर पर आपको सीखना होगा, पुरानी बातें भूलनी होंगी, नई बातें सीखनी होंगी, हालात के हिसाब से ढलना होगा और हमेशा जिज्ञासु बने रहना होगा। आपसी जुड़ाव बढ़ने के असर पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, हम न सिर्फ व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के ज़रिए ही नहीं बल्कि अपने फाइनेंशियल सिस्टम, एयरलाइंस, नेटवर्क और एनर्जी सिस्टम के जरिए भी एक-दूसरे से बहुत ज्यादा जुड़े हुए हैं। इस जुड़ाव के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं।परेशानी सुलझाने वाले बने ग्रेजुएट्स- सीडीएस जनरल राजा सुब्रमणिसीडीएस ने भारतीय युवाओं ग्रेजुएट्स से समस्या को सुलझाने वाला बनने की अपील की। उन्होंने कहा, ग्रेजुएट्स के तौर पर आपको अपने सामने आने वाली मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार होना होगा। समस्या सुलझाने वाले बनें, समस्या पैदा करने वाले नहीं। कुछ बनाएं। देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने दिमाग का इस्तेमाल करें। हम सभी शिकायत कर सकते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही इसके बारे में कुछ करने की पहल करते हैं। काम करने वाले बनें। समस्या सुलझाने वाले बनें।
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लाइव हिन्दुस्तान
· Upendra Thapak