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भरत तिवारी के परिजनों को जान से मारने की धमकी! मां आशा देवी ने गांव के पंकज और सरोज त्रिपाठी पर लगाया आरोप
आरा: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले युवक भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में जहां एक तरफ परिवार वाले न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दूसरी तरफ इस मामले में परिजनों ने स्थानीय शाहपुर थाने में आवेदन देकर गांव के ही दो व्यक्ति पर धमकी देने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि भरत तिवारी की मां आशा देवी ने शाहपुर थाने में आवेदन देकर गांव के ही रहने वाले दो व्यक्ति पंकज त्रिपाठी एवं सरोज त्रिपाठी पर परिजनों को धमकी देने का आरोप लगाया है।भरत तिवारी के परिजनों को धमकीमामले के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस मामले में भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग करने वाले पंकज त्रिपाठी एवं सरोज त्रिपाठी के ऊपर परिजनों के द्वारा घर पर रखे गए रजिस्टर कॉपी, जिसमें की कई लोगों के नाम एवं पता नोट किए गए थे उसको चुराने का आरोप लगाया गया है। परिजनों के द्वारा सरोज त्रिपाठी और उनके भाई पर भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी एवं घर वालों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस संदर्भ में शाहपुर थाना के द्वारा दोनों भाइयों को नोटिस देकर थाना पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।मां आशा देवी ने दर्ज कराई शिकायतइस संदर्भ में घटना की जानकारी देते हुए पंकज त्रिपाठी ने बताया कि लगातार भारत तिवारी की मौत के बाद वे लोग उसको और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं और उसी का खामियाजा अब उनके परिवार को भुगतना पड़ रहा है। जहां की परिजनों ने उनके ऊपर रजिस्टर की चोरी करने समेत उनके भाई चंदन तिवारी को धमकी देने एवं अन्य सदस्यों को धमकाने का आरोप लगाया गया है। जो सरासर गलत है। क्योंकि वे लोग लगातार भरत को न्याय दिलाने की मांग को उठा रहे थे। जिसके बाद इस तरह के आरोप उनके परिवार के ऊपर लगाया गया है।आरोपी त्रिपाठी परिवार ने दी सफाईभोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के जवइनिया गांव के रहने वाले विस्थापित परिवारों की लड़ाई लड़ने के क्रम में कथित तौर पर पुलिस एनकाउंटर में 17 जून, 2026 को भरत तिवारी की मौत हो गई थी, वही इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर से इस मामले में नया मोड़ आ गया है। और परिजनों ने धमकी देने का आरोप भरत तिवारी को न्याय दिलाने वाले लोगों के ऊपर ही लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पंकज त्रिपाठी लगातार भरत तिवारी के मौत के बाद उसको न्याय दिलाने को लेकर भरत तिवारी न्याय संघर्ष मोर्चा का गठन किया गया था। उसके माध्यम से लगातार उसको न्याय दिलाने की मांग की जा रही थी।
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नवभारत टाइम्स
· Ashutosh Kumar Pandey