दिल्ली में अपना बिजनेस शुरू करने का सपना देखने वाली 22 साल की एक महिला उद्यमी इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी कहानी शेयर कर रही हैं. उन्होंने अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर कैफे शुरू किया था, लेकिन एक साल बाद उन्हें बिजनेस की ऐसी सच्चाई का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी शायद उन्होंने शुरुआत में कल्पना नहीं की थी. उनका दावा है कि कैफे फिलहाल भारी नुकसान में चल रहा है और अब उनके पास आगे के खर्चों के लिए पैसे भी कम पड़ रहे हैं.महिला ने Reddit पर अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने 21 साल की उम्र में करीब 15 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी थी. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के Hudson Lane में अपनी जमा-पूंजी से कैफे शुरू किया. बिजनेस शुरू हुए करीब एक साल हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें मुनाफे की जगह लगातार नुकसान ही उठाना पड़ रहा है.एक साल में ही खत्म होने लगी जमा-पूंजीउन्होंने पोस्ट में लिखा कि कैफे में मिलने वाली कॉफी और खाना अच्छा है, लेकिन उन्हें लगता है कि सबसे बड़ी परेशानी बैठने की जगह को लेकर है. जगह सीमित होने की वजह से ग्राहक आराम से बैठ नहीं पाते और इसका असर बिजनेस पर पड़ रहा है. ऊपर से कैफे की दूसरी जरूरतों के लिए अब उनके पास ज्यादा पैसा नहीं बचा है, इसलिए वह जरूरी renovation भी नहीं करा पा रही हैं.खर्चों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कैफे का मासिक किराया करीब 1.2 लाख रुपये है. इसके अलावा कर्मचारियों की सैलरी पर लगभग 2 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं, जबकि food और बाकी चीजों की costing करीब 30 प्रतिशत है. ऐसे में लगातार खर्च निकलने के बावजूद कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है.Reddit पर उनकी पोस्ट के बाद लोगों ने उन्हें अलग-अलग तरह की सलाह दी. एक यूजर ने उनसे पूछा कि आखिर उन्होंने 21 साल की उम्र तक 30 लाख रुपये कैसे बचा लिए. इस पर महिला ने बताया कि उन्होंने 17 साल की उम्र से comic freelancer के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था.एक अन्य यूजर ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें किसी ऐसे mentor की मदद लेनी चाहिए, जिसे कैफे या बिजनेस चलाने का अनुभव हो. उस व्यक्ति ने कहा कि mentor की सलाह को बिना defensive हुए समझना और उस पर काम करना ज्यादा जरूरी है.यह भी पढ़ें: भारतीय महिला ने बताया विदेश जाने वालों को किस देश में मिलती है ज्यादा कमाई और बेहतर जिंदगीवहीं, इलाके में रहने वाले एक Reddit यूजर ने कैफे की visibility को लेकर अपनी राय दी. उसने बताया कि वह Hudson Lane के आसपास रहता है और वहां के कई coffee places आजमा चुका है. उसके मुताबिक अगर कैफे की खासियत coffee है, तो बाहर से यह बात साफ नजर नहीं आती. नाम और बाहर की visuals से भी यह पता नहीं चलता कि कैफे की खासियत क्या है.Disclaimer: यह खबर वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इस पोस्ट में किए गए किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.